दैनिक भास्कर में एक दैनिक स्तम्भ है-आज की ट्वीट| २० अगस्त को इसी स्तम्भ में प्रख्यात अभिनेता अनुपम खेर की अभिव्यक्ति प्रकाशित हुई जो विचार-मीमांसा करने को प्रेरित करती है| आजकल संघर्ष से वंचित सुख में पल रहे बचपन को लक्ष्य करके यह बात कही: अपने बचपन में हमें जो नहीं मिला, अपने बच्चों को 'वह सब' देने की चिंता में हम 'वह' देना भूल जाते हैं; "जो" हमें बचपन में मिला था| इसके बारे में सोचिये|
मैं आपसे इस बारे में पुरजोर अपील करता हूँ की आप अपने बच्चों की परवरिश पर ध्यान दें| ये वो धरोहर है जो आप , अपने बाद इस संसार को देकर जायेंगे| फ़ैसला आप पर!
बहुत खूब!
ReplyDeleteDr. Purushottam Meena 'Nirankush'
dr.purushottammeena@yahoo.in
बहुत अच्छा...
ReplyDeleteहिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
ReplyDeleteकृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें
sundar lekhan
ReplyDeleteइस सुंदर से चिट्ठे के साथ हिंदी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!
ReplyDelete