Wednesday, February 15, 2012

अभी हाल में ही जो कुछ कर्नाटक विधानसभा में घटित हुआ; उसमें ध्यान देनेवाला पहलू यह है कि विपक्षी दल के सदस्य जिसने इस घटना को मीडिया के सामने लाया, वह इसको सदन के अन्दर ही निबटा सकता था। इस घटना से सदन कि गरिमा को नुक्सान हुआ है। जनता के सामने ये बात आने के बाद आम राय यही बनी होगी कि ऐसा सदन में नहीं होना चाहिए था। तब, यहाँ यह महत्त्वपूर्ण है कि सदन में ये पर्याप्त व्यवस्था हो कि सभी विधायक गरिमा के अनुरूप व्यवहार करें, न कि आम जन का मुद्दा बन जाएँ।
                                                                  फैसला आप पर!

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