Tuesday, December 22, 2015

ऐसा हुआ कि अपराध की सजा मुकम्मल करने के बजाय ये व्यवस्था दी कि अपराधी की उम्र १८ साल और उसके ऊपर होगी! १८ साल से कम की आयु के लोगों को अपराधी न माना जाये। इस बात की तामील की जाये कि इस उम्र से एक दिन पहले भी यदि किसी ने  कोई ऐसा कार्य किया है, जिसे कानून अपराध मानता है, वह अपराध नहीं  माना  जायेगा और ऐसे मामले में गिरफ़्तारी, अवैध होगी। पुलिस ये अपना फ़र्ज़ समझे कि इस तरह के मामले में कोई मर्ग़ क़ायम न  जाये। इस तरह के मामलों से अदालत का क़ीमती वक़्त ज़ाया होता है!..........................  फ़ैसला आप पर!